देश के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकना संविधान का अपमान: रुचिर तिवारी

देश के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकना संविधान का अपमान: रुचिर तिवारी
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देश के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकना संविधान का अपमान: रुचिर तिवारी

डालटनगंज।
देश के सर्वोच्च न्यायाधीश पर अदालत में अधिवक्ता राकेश किशोर द्वारा जूता उछालने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले पर वरिष्ठ अधिवक्ता सह कम्युनिस्ट नेता सूर्यपत सिंह और अधिवक्ता सह डालटनगंज विस के पूर्व प्रत्याशी रुचिर कुमार तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

दोनों ने इस घटना को भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया है। रुचिर तिवारी ने कहा कि यह कदम न केवल न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह देश की संवैधानिक व्यवस्था पर भी हमला है। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें न्यायपालिका की निष्पक्षता को प्रभावित करने का प्रयास हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने धैर्य और संयम से स्थिति को संभाला, जो उनके न्यायिक आदर्शों को दर्शाता है। देश की जनता न्यायपालिका के साथ है और उम्मीद करती है कि सर्वोच्च न्यायालय निष्पक्षता के साथ देशहित में फैसले लेता रहेगा।

रुचिर तिवारी ने दोषी अधिवक्ता के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने तथा उसका लाइसेंस रद्द करने की मांग की, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति न्यायपालिका की मर्यादा को भंग करने का दुस्साहस न करे।

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